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दरभंगा रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला: लिफ्ट में फंसे 17 यात्री, RPF-GRP ने सुरक्षित निकाला

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दरभंगा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर लिफ्ट खराब होने से 17 यात्री अंदर फंस गए। RPF और GRP की टीम ने रेस्क्यू कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेलवे ने जांच शुरू कर दी है।

दरभंगा/आलम की खबर:बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर लगी लिफ्ट अचानक तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई और उसमें मौजूद 17 यात्री अंदर फंस गए। लिफ्ट के अचानक रुक जाने के बाद यात्रियों में डर का माहौल बन गया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर अंदर मौजूद लोगों ने मदद के लिए आवाज लगानी शुरू कर दी। यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर स्टेशन पर मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और रेलवे अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। सुरक्षा कर्मियों ने स्टेशन प्रबंधन और तकनीकी कर्मचारियों के साथ मिलकर बचाव अभियान शुरू किया। काफी सावधानी के बाद लिफ्ट को खोला गया और अंदर फंसे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई।

जानकारी के अनुसार, प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर लगी यह लिफ्ट यात्रियों की सुविधा के लिए इस्तेमाल की जाती है। घटना के समय इसमें कई यात्री मौजूद थे। बताया जा रहा है कि लिफ्ट अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचने से पहले ही अचानक रुक गई। लिफ्ट बंद होने के बाद अंदर मौजूद यात्रियों को कुछ समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी और बंद जगह होने के कारण यात्रियों की चिंता बढ़ने लगी, जिसके बाद उन्होंने बाहर मौजूद लोगों से मदद मांगी।

लिफ्ट के अंदर से आवाज आने के बाद आसपास मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को इसकी जानकारी हुई। इसके बाद तुरंत स्टेशन प्रशासन को सूचना दी गई। रेलवे सुरक्षा बल और GRP जवानों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। तकनीकी टीम को बुलाकर लिफ्ट की जांच की गई और सुरक्षित तरीके से उसका दरवाजा खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई।

रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट का गेट खोला और यात्रियों को एक-एक कर बाहर निकाला। बाहर आने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। मौके पर मौजूद रेलवे अधिकारियों ने भी स्थिति का जायजा लिया और यात्रियों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। इस दौरान स्टेशन परिसर में कुछ समय के लिए यात्रियों की भीड़ जमा हो गई थी।

घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने लिफ्ट में आई तकनीकी खराबी की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किस कारण से लिफ्ट अचानक बंद हुई। तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा लिफ्ट के सभी हिस्सों की जांच की जा रही है। रेलवे यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भविष्य में यात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई ऐसी व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही न हो।

दरभंगा रेलवे स्टेशन बिहार के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर लिफ्ट, एस्केलेटर और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ऐसे में लिफ्ट जैसी सुविधा में अचानक खराबी आने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने भी रेलवे प्रशासन से मांग की है कि स्टेशन पर लगी सभी लिफ्ट और अन्य उपकरणों की नियमित जांच की जाए।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी की वजह सामने आने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समय-समय पर मशीनों की जांच जरूरी है।

इस घटना में सबसे राहत वाली बात यह रही कि समय रहते रेलवे सुरक्षा बल और कर्मचारियों ने कार्रवाई करते हुए सभी 17 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अगर रेस्क्यू में देरी होती तो यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। रेलवे कर्मचारियों की तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।

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दरभंगा रेलवे स्टेशन की लिफ्ट में 17 यात्रियों के फंसने की घटना ने रेलवे सुविधाओं के रखरखाव पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर आधुनिक व्यवस्थाएं तो बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन इनकी नियमित जांच और देखरेख भी उतनी ही जरूरी है।

इस घटना में राहत की बात यह रही कि RPF, GRP और रेलवे कर्मचारियों ने समय पर कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। किसी भी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन ऐसी घटनाएं यात्रियों में डर जरूर पैदा करती हैं।

रेलवे जैसे बड़े संस्थान में तकनीकी उपकरणों की सुरक्षा जांच लगातार होनी चाहिए। लिफ्ट, एस्केलेटर और अन्य सुविधाओं की समय-समय पर जांच होने से ऐसी परेशानियों को कम किया जा सकता है। यात्रियों की सुरक्षा केवल सुविधा उपलब्ध कराने से नहीं बल्कि उसकी सही देखभाल से सुनिश्चित होती है।

रेलवे प्रशासन को इस घटना की जांच के साथ-साथ भविष्य के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करनी चाहिए, ताकि यात्रियों को किसी भी स्टेशन पर ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

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